भारत की बेटियांः अनचाही, असमान और असुरक्षित विषय पर बैठक

दिनाकं 20/04/2018 को प्रेरणा बालिका विद्यालय, गोमतीनगर में स्टडी हाॅल एजुकेशन फाउन्डेशन द्वारा भारत की बेटियांः अनचाही, असमान और असुरक्षित विषय बैठक आयोजन किया गया, जिसमें चाईल्ड़ वेलफेयर कमेटी की सदस्य रिचा खन्ना जी, महिला थाना की एस0 एच0 ओ0 रंजना पाण्डे जी और गोमती नगर के चैकी इन्चार्ज कृषण बली सिंह जी शमिल हुए, साथ अभिभावक गण भी शामिल रहे। बच्चों ने अतिथियों से बाल विवाह व बालिकाओं से सुरक्षा से समबन्धित सवाल पुछे। बच्चियों ने बताया कि जब उनके साथ कोई परेशानी होती है तब उनके पास वाली चैकी पर कोई नही होता और उनके घरों में फोन नही है ऐसे में वो क्या करें। गोमती नगर थाना इन्चार्ज कृषण बली सिंह जी ने यह सुनिश्चित करते हुए विश्वास दिलाया कि अब से हर चैकी पर एक सिपाही ज़रूर होंगे।

स्टडी हाॅल एजुकेशनल फाउन्डेशन पिछले 32 वर्षो से अपने लक्ष्य, शहरी व ग्रामीण तबको की वंचित बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रयासरत है। इसी क्रम में पिछले 6 वर्षो से स्टडी हाॅल एजुकेशनल फाउन्डेशन द्वारा आरोहिणी कार्यक्रम के अन्तर्गत बालिकाओं और समुदाय के साथ जन जागृति के लिए विभिन्न मुद्दों पर इन्डियाज़ डाॅटर्स कैम्पेन जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया जाता है।

इस अभियान के तहत प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन रेणुका कुमार जी द्वारा ज़ारी किये गये आदेश के अनुपालन के सम्बन्ध में इस वर्ष भारत की बेटियांः अनचाही, असमान और असुरक्षित विषय पर प्रेरणा बालिका विद्यालय में बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक के शुभारम्भ प्रेरणा की प्रद्यानाचार्या राखी पंजवानी ने पे्ररणा का परिचय देते हुए सभी का स्वागत करते हुए प्रेरणा बलिका विद्यालय के बारे में बताया कि कैसे प्रेरणा अन्य विद्यालयो से अलग है। राखी जी ने बताया कि पे्ररणा की शुरूआत ऐसे बच्चियों के लिए किया गया जो शहर में ही थें लेकिन शिक्षा के मौलिक अधिकार से भी वंचित थें। उन बच्चियों के पढ़ाने और उनका जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा की शुरूआत की गई। प्रेरणा स्कूल के अन्दर सैकड़ों साकारात्मक कहानियां सामाहित हैं, उनमें से बड़ी उपलब्धि है कि प्ररणा से लगभग 10 बच्चियां विदेश पढ़ने जा चुकी हैं और उन्होने अपने परिवार के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों का बेटियों के लिए नाकारात्मक नज़रिया भी बदल दिया। साथ ही राखी जी ने बैठक का उद्वेश्य बताया कि बालिकाओं के जीवन में होने वाले भेदभाव और उनपर होने वाली हिंसा को रोकना है।

बच्चियों द्वारा बाल विवाह पर आधारित नुक्कड नाटक प्रस्तुत किया गया। बच्चियों ने पुलीस और बाल कल्याण समिति के सदस्य से सवाल किये कि बाल विवाह को कैसे रोका जाये, और अगर बाल विवाह हो जात है तो उसके बाद क्या किया जा सकता है। अतिथियों ने बच्चियों के प्रश्न का उत्तर दिया और उन्हे 100, 181 और 1098 न0 के बारे में बताया। बैठक के अन्त में सभी ने शपथ ली कि वो अपने बच्चों की शिक्षा को पूरा करने में उनका सहयोग करेंगे और अपने व अपने समुदाय के एक भी बच्चे का बाल विवाह नही होने देंगे।

अभियान बालिकाओं द्वारा बनाये गए पोस्टर्स और कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया हैं, जिसमें सम्मिलित अतिथि गणो एवं अभिभावको ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया।

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